(Ghazal & Song) ग़ज़ल और गीत में क्या अंतर है !!

नमस्कार दोस्तों…आज हम आपको “ग़ज़ल और गीत” के विषय में बताने जा रहे हैं. आज हम बताएंगे कि “ग़ज़ल और गीत क्या है और इनमे क्या अंतर होता है?”. ग़ज़ल एक उर्दू की विधा है वहीं दूसरी ओर गीत हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, तमिल, तेलुगु, अमेरिकन, आदि किसी भी भाषा में हो सकते है. आज हम आपको इन दोनों के विषय में ही जानकारी देने जा रहे हैं. तो अधिक समय न खराब करते हुए मुख्य टॉपिक पर आते हैं और शुरू करते हैं आज का टॉपिक.

ग़ज़ल क्या है | What is Ghazal in Hindi !!

ग़ज़ल, उर्दू की एक विधा होती है जिसके मुख्य कुछ भाग होते हैं जैसे की पहला मिश्र है, जो किसी भी ग़ज़ल के अंदर शुरुआत की पंक्ति होती है.
उसके बाद दूसरा आता शेर, ये जब दो मिश्र अर्थात पंक्ति मिल जाती हैं तो वो शेर का बन जाती हैं.

उसके बाद तीसरा होता है मतला जिसका अर्थ है कि किसी भी ग़ज़ल का पहला शेर मतला कहलाता है.

उसके बाद आता है मक्ता, इसका मतलब होता है कि जब कवि अपना नाम आखिर के शेर में लिख के शेर को पूरा करता है तो वो मक्ता कहलाता है, और यदि अंत के शेर में लेखक का नाम या उपनाम नहीं आता है तो उसे हम मक्ता नहीं कह सकते.

इन सब चीजों का प्रयोग करके जब इसके साथ बहर को लगाया जाता है तो वो ग़ज़ल बनती है.

गीत क्या है | What is Song in Hindi !!

जब स्वर, पद और ताल से युक्त एक गान बनता है तो वो गीत कहा जाता है। गीत, सहित्य की एक बहुत लोकप्रिय विधा है। इसके अंदर एक मुखड़ा तथा कुछ अंतरे होते हैं। प्रत्येक अंतरे के बाद मुखड़े को दोहराया जाता है। इस प्रकार से गीत को गाया जाता है। गीत में अधिकतर तीन रस अधिक पाए जाते हैं, शृंगार रस, वीर रस और करुण रस.

गीत को अन्य नाम से भी जाना जाता है जैसे: song, गाना, आदि. गीत हिंदी का शब्द है, इसलिए हम हिंदी के अनुसार समझाने का प्रयत्न्न कर रहे थे. लेकिन गीत को अन्य भाषाओं में भी गाया व लिखा जाता है, जैसे: तमिल, तेलुगु, उर्दू, इंग्लिश, आदि.

Difference between Ghazal and Song in Hindi | ग़ज़ल और गीत में क्या अंतर है !!

# गज़ल मजबूती के साथ शुरू से अंत तक एक परिभाषित काव्य मीटर पर आधारित होता है, जबकि गीत एक धुन पर आधारित है, जिसमें एकल गीत में अलग-अलग मीटर पाए जा सकते हैं।

# गज़ल में रदीफ़ / काफिया और अन्य पारंपरिक नियमों का पालन करते हैं वहीं दूसरी ओर गीत के लेखन के लिए उन नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं होती है और इसे संगीत की धुन में शामिल करने के लिए स्वतंत्र रूप से लिखा जाता है।

# ग़ज़ल में मिश्र, शेर, मक्ता, मतला और बहर, आदि का प्रयोग होता है जबकि गीत में स्वर, पद और ताल का प्रयोग किया जाता है.

# गजल कवियों को संगीत के विषय में अधिक जानने की जरूरत नहीं होती है जबकि एक गीतकार के लिए संगीत के कुछ बुनियादी ज्ञान की आवश्यकता होती है.

# एक ग़ज़ल के अंदर सभी दोहे में कई अलग-अलग विचार लाये जा सकते है जबकि गीत में यह संभव नहीं है, क्यूंकि यदि गीत रोमांटिक शब्दों पर शुरू होता है तो उसमे विपरीत उदासी के भाव नहीं लाये जा सकते हैं.

हम आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी अच्छी और आपके सुविधाजनक लगी होगी। और यदि किसी प्रकार की गलती आपको नजर आये तो आप हमे नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं और साथ यदि कोई सुझाव हो तो वो भी आप बता सकते हैं हम पूरी कोशिश करेंगे की हम अगले आलेख में आपके इक्षा अनुसार जानकारी ला पाएं.

Ankita Shukla :अंकिता शुक्ला Oyehero.com की कंटेंट हेड हैं. जिन्होंने Oyehero.com में दी गयी सारी जानकारी खुद लिखी है. ये SEO से जुडी सारे तथ्य खुद हैंडल करती हैं. इनकी रूचि नई चीजों की खोज करने और उनको आप तक पहुंचाने में सबसे अधिक है. इन्हे 1.5 साल का SEO और 3.5 साल का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है !!