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SIP और म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है !!

नमस्कार दोस्तों…आज हम आपको “SIP and Mutual fund” अर्थात “एसआईपी और म्यूचुअल फंड ” के विषय में बताने जा रहे हैं. आज हम बताएंगे कि “एसआईपी और म्यूचुअल फंड क्या है और इनमे क्या अंतर होता है?”. “दोस्तों आप जो इतनी मेहनत से पैसा कमाते हैं, आप वो कहाँ इन्वेस्ट करना पसंद करेंगे?”, बैंक में या किसी फाइनेंसियल इंस्ट्रूमेंट में. यदि आपका जबाब बैंक हैं तो आप बहुत नुकसान में जा रहे हैं क्यूंकि अधिकतर बैंक पूरे साल का आपको केवल ४% का ब्याज देती हैं, इसलिए आपको एक फाइनेंसियल इंट्रूमेंट का चुनाव करना चाहिए. जिसमे आपको ४% से काफी अच्छा ब्याज मिलेगा. और इसके लिए सबसे अच्छी स्कीम म्यूच्यूअल फंड है. जिसके विषय में आज हम अपने ब्लॉग में बताने जा रहे हैं और साथ ही बात करने जा रहे हैं म्यूच्यूअल फंड और एसआईपी के बीच के अंतर के विषय में. तो पूरी जानकारी के लिए हमारा पूरा ब्लॉग अवश्य पढ़े, तो चलिए शुरू करते हैं आज का टॉपिक.

म्यूचुअल फंड क्या है | What is Mutual Fund in Hindi !!

भारत में म्यूच्यूअल फंड एक बहुत अच्छा साधन है, इन्वेस्टर का पैसा इन्वेस्ट करने का. जिसमे आप पैसे को स्टॉक, बांड या दोनों के मिश्रण के रूप में इन्वेस्ट कर सकते हैं. पूरा इन्वेस्टमेंट, म्यूच्यूअल फंड के द्वारा इकाइयों में विभाजित होता है या तो स्टॉक के रूप में होगा या फिर वो बांड के रूप में. आपको आपके निवेश के अनुपात के आधार पर ही इकाइयाँ मिलती हैं लेकिन म्युचुअल फंड में आप कैश निवेश करते हैं। म्यूचुअल फंड का मूल्य, उसके नेट एसेट वैल्यू (NAV) द्वारा मापा जाता है। यह वह मूल्य है जिस पर आप (निवेशक), म्यूचुअल फंड खरीदते और बेचते हैं।

यदि आप इक्विटी म्यूच्यूअल फंड में इन्वेस्ट करते हैं तो फंड मैनेजर आपका निवेश किसी अच्छी कंपनी के स्टॉक पर लगवाता है. और यदि आप डेब्ट म्यूच्यूअल फंड पर इन्वेस्ट करते हैं तो आपका पैसा फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट होता है. जिसमे इक्विटी की अपेक्षा कम मुनाफा मिलता है लेकिन इसमें नुकसान का खतरा कम होता है.

एसआईपी क्या है | What is SIP in Hindi !!

SIP का फुल फॉर्म “Systematic Investment Plan” होता है, जो एक मेथड है इन्वेस्टमेंट करने का म्यूच्यूअल फंड के अंदर. ये कोई खुद में इन्वेस्ट नहीं कराता है. इसमें आप एक निश्चित पूर्व-निर्धारित राशि को एक नियमित समय अंतराल पर म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इसे प्रत्येक सप्ताह या प्रत्येक महीने में या तिमाही में जमा किया जा सकता है, ये आपकी स्कीम पर निर्भर करता है। उज्ज्वल भविष्य के लिए बचत और निवेश करने के लिए एसआईपी एक बहुत अच्छा माध्यम है।

इसके लिए आपका पैसा ऑटो डेबिटेड होता है बैंक अकॉउंट से. फिर इसे आपकी पसंद के एक विशिष्ट म्यूचुअल फंड स्कीम के अनुसार निवेश किया जाता है। इसमें आपको एक निश्चित संख्या में इकाइयाँ मोहिआ कराई जाती हैं, जो चल रहे बाजार दर के आधार पर होती हैं, जो कि दिन का NAV है।

आप SIP के माध्यम से इक्विटी म्यूचुअल फंड या डेब्ट म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। जब शेयर बाजार उच्च होते हैं, तो आपके इक्विटी म्यूचुअल फंड का NAV आम तौर पर बढ़ जाता है। आपको इक्विटी म्यूचुअल फंड की इकाइयों की संख्या कम मिलती है। जब शेयर बाजार गिरते हैं, तो आपके इक्विटी म्यूचुअल फंड का NAV आमतौर पर गिरता है। आपको इक्विटी म्यूचुअल फंड की इकाइयों की संख्या अधिक है।

क्यूंकि आप एसआईपी में एक नियमित निवेशक हैं, जो पैसा आप निवेश करते हैं, एनएवी के कम होने पर और कम यूनिट होने पर अधिक यूनिट प्राप्त करते हैं। एसआईपी के माध्यम से आप डेब्ट म्यूचुअल फंड में भी निवेश कर सकते हैं। एसआईपी के माध्यम से डेब्ट म्यूचुअल फंड में निवेश करना, एक आवर्ती जमा में निवेश करने जैसा है।

Difference between SIP and Mutual fund in Hindi । SIP और म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है !!

# SIP म्यूच्यूअल फंड का ही एक माध्यम है, जिसके जरिये भी आप पैसे निवेश कर सकते हैं म्यूच्यूअल फंड में.

# एसआईपी आमतौर पर म्यूचुअल फंड से जुड़ा अवश्य होता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं बिल्कुल नहीं है कि आप केवल म्यूचुअल फंड में ही निवेश कर सकते हैं। आप एसआईपी के जरिए भी शेयरों में निवेश कर सकते हैं। आरडी के रूप में लोकप्रिय एक आवर्ती जमा, एक एसआईपी के समान है।

आशा हैं आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी से कुछ लाभ अवश्य मिला होगा और साथ ही आपको हमारा ब्लॉग पसंद भी आया होगा. यदि फिर भी आपको कोई त्रुटि दिखाई दे, या कोई सवाल या सुझाव आपके मन में हो. तो आप हमे नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के बता सकते हैं. हम पूरी कोशिश करेंगे कि हम आपकी उम्मीदों पे खरा उतर पाएं। धन्यवाद !!!

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