बिल और इनवॉइस में क्या अंतर है !!

नमस्कार दोस्तों।….आज हम आपको बताएंगे कि बिल और इनवॉइस क्या होता है और इनमे क्या क्या अंतर होते हैं. ये अधिकतर किसी सामान को खरीदने के बाद दिया गया प्रमाणपत्र की तरह होता है जो आपके द्वारा खरीदे सामान की पुष्टि करता है लेकिन इन दोनों में अंतर क्या होता है और कैसे पता लगाया जाये कि हमारे पास बिल है या इनवॉइस और कौन ज्यादा ठीक होता है. ऐसी ही कई दुविधाओं का निवारण करने के लिए आज हम ये टॉपिक आपके सामने लाये हैं तो चलिए शुरू करते हैं आज का टॉपिक.

बिल क्या है | What is Bill in Hindi !!

बिल एक प्रकार प्रमाण पत्र होता है जो वेंडर द्वारा तब दिया जाता है जब कोई सामान ग्राहक खरीदता है इस्पे अपने कितना सामान खरीदा और क्या खरीदा और कितना उसके अपने पे किया। ये सारी जानकारी आपके बिल पे होती है. आज कल ऑनलाइन बिलिंग का जमाना है जिसके कारण बिल को भी रिकॉर्ड में तीन कैटागोरी में बाट दिया गया है जैसे कि ड्राफ्ट, पेंडिंग और सेंट.

इतना ही नहीं किसी सामान के खराब होने पे आप उस सामान को रिपेयर या बदल भी सकते हैं बिल के द्वारा क्यूंकि जो बिल आपको दिया जाता है उसपे तारीख होती है जिसके अनुसार ये पता चल जाता है कि आपका सामान कितना पुराना है और यदि सामान समय सीमा के अंदर खराब होता है अर्थात गेरेंटी या वॉरेंटी के अंदर खराब होता है तो आपको सामान ठीक करा के दिया जायेगा वेंडर द्वारा अथवा बदल के दिया जायेगा.

इनवॉइस क्या है | What is Invoice in Hindi !!

इनवॉइस भी एक प्रकार का रिकॉर्ड होता है जो वेंडर कस्टमर को भेजता है और ये तब भेजा जब कस्टमर को सामान दिया जाता है और साथ में इनवॉइस। इनवॉइस का मुख्य उद्देश्य होता है कि customer से payment पाना। इसमें सारी जानकारी उपलब्ध होती है अर्थात customer id, सामान का रिकॉर्ड, एड्रेस, अकाउंट की जानकारी आदि.

यदि आसान भाषा में समझाया जाये तो इनवॉइस को प्रोडक्ट या सर्विस के शिपिंग के बाद भेजा जाता है. इनवॉइस आपका हार्ड कॉपी और सॉफ्ट copy दोनों हो सकता है.

Difference between Bill and Invoice in Hindi | बिल और इनवॉइस में क्या अंतर है !!

# बिल किसी सामान के पे होने के बाद दिया गया लेनदेन का रिकॉर्ड होता है और इनवॉइस प्रोडक्ट या सर्विस के शिपिंग के बाद भेजा गया रिकॉर्ड होता है.

# बिल में सामान की संख्या, राशि, तारीख और सामान की जानकारी दी होती है जबकि इनवॉइस में सामान की पूरी जानकारी, कस्टमर आईडी नंबर, एड्रेस, और अकाउंट डिटेल्स आदि भी होती है.

# Bill और Invoice दोनों हार्डकॉपी और सॉफ्टकॉपी दोनों फॉर्म में हो सकती है.

# बिल का अधिकतर प्रयोग ऑफलाइन बिज़नेस में होता है और इनवॉइस का अधिकतर प्रयोग ऑनलाइन बिज़नेस में होता है.

# बिल हमेशा वेंडर से मिलता है जबकि इनवॉइस हमेशा डिलीवरी मैन के जरिये मिलता है.

उम्मीद है दोस्तों कि आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आयी होगी और आपके काफी काम भी आयी होगी. यदि फिर भी कोई गलती आपको हमारे ब्लॉग में दिखे या आपके मन में कोई अन्य सवाल या सुझाव हो तो वो भी आप हमसे पूछ सकते हैं. हम पूरी कोशिश करेंगे उस सवाल का जबाब आपको देने और आपके सुझाव को समझने और उसे पूरा करने की. धन्यवाद !!!

Ankita Shukla :अंकिता शुक्ला Oyehero.com की कंटेंट हेड हैं. जिन्होंने Oyehero.com में दी गयी सारी जानकारी खुद लिखी है. ये SEO से जुडी सारे तथ्य खुद हैंडल करती हैं. इनकी रूचि नई चीजों की खोज करने और उनको आप तक पहुंचाने में सबसे अधिक है. इन्हे 1.5 साल का SEO और 3.5 साल का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है !! नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में आपको हमारे द्वारा लिखा गया ब्लॉग कैसा लगा. बताना न भूले - धन्यवाद 😊😊😊 !!