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GPF और NPS में क्या अंतर है !!

नमस्कार दोस्तों…आज हम आपको “GPF और NPS” के विषय में बताने जा रहे हैं. आज हम बताएंगे कि “GPF और NPS क्या है और इनमे क्या अंतर होता है?”. दोस्तों दोनों किसी भी प्रकार से एक दूसरे से नहीं मिलते हैं. लेकिन कुछ लोगों के मन में इन्हे लेके कई दुविधा रहती है. जिन्हे आज हम दूर करने का प्रयास करेंगे और साथ ही इनके बीच के अंतर को बताएंगे। तो चलिए शुरू करते हैं आज का टॉपिक.

GPF क्या है | What is GPF in Hindi !!

GPF क्या है | What is GPF in Hindi !!

GPF का पूरा नाम “General Provident Fund” होता है, जो कि एक Provident Fund अकाउंट है, उन कर्मचारियों के लिए जो government job करते हैं. इस अकाउंट में सरकारी कर्मचारी की सैलरी का एक निश्चित भाग हर महीने काट कर इस अकाउंट में जमा कर दिया जाता है. जिसका फायदा कर्मचारी को उसके रिटायरमेंट के बाद मिलता है, और जब ये अकाउंट एक कर्मचारी खुलवाता है, तो वो इस अकाउंट का किसी को नॉमिनी भी बना सकता है. इस फण्ड पर 8% ब्याज दर दिया जाता है. इस अकाउंट पर अकाउंट होल्डर कई बार लोन करवा सकता है, जिसके लिए न उसे कोई सिक्योरिटी देनी होती है और न कोई ब्याज.

NPS क्या है | What is NPS in Hindi !!

NPS क्या है | What is NPS in Hindi !!

NPS का पूरा नाम “National Pension Scheme” है, जो किसी भी व्यक्ति के लिए पेंशन योजना प्लान होता है. इस योजना का विकल्प कोई भी देश निवासी चुन सकता है। NPS पेंशन ड्राइंग समुदाय का विस्तार करने के लिए अमेरिकी पेंशन प्रणाली की तरह भारत को स्थानांतरित करने के लिए एक रूपरेखा है।

NPS अकाउंट खुलवाने के लिए व्यक्ति की उम्र 18 साल से ज्यादा और 60 साल से कम होनी आवश्यक है। ये योजना अप्रवासी भारतीय अर्थात NRI के लिए भी है. NPS अकाउंट में कोई मैच्योरिटी टैन्योर नहीं बनाया गया है, इसमें व्यक्ति 60 साल की उम्र तक निवेश कर सकता है और ये अवधि 70 साल तक बढ़ायी जा सकती है.

इस अकाउंट में कम से कम 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष निवेश करना अनिवार्य होता है। इसमें निवेश करने की कोई अधिकतम सीमा नहीं बनाई गयी है। बस जो भी राशि आप निवेश कर रहे हैं वह आपकी सैलरी का 10 प्रतिशत होना जरूरी है.

इस अकाउंट में कंट्रीब्यूशन और कॉर्पस के ग्रोथ में टैक्स-फ्री सुविधा है लेकिन यदि आप एक बार ही पूरी निकासी करेंगे तो आप पर एक आंशिक रूप से टैक्स लगाया जाएगा।

Difference between GPF and NPS in Hindi | GPF और NPS में क्या अंतर है !!

# GPF का पूरा नाम “General Provident Fund” और NPS का पूरा नाम “National Pension Scheme” होता है.

# GPF एक प्रोविडेंट फण्ड अकाउंट होता है जबकि NPS एक नया पेंशन के लिए बनाया गया अकाउंट है.

# GPF का प्रयोग केवल सरकारी कर्मचारियों द्वारा किया जा सकता है जबकि NPS का प्रयोग कोई भी देश का नागरिक कर सकता है.

# GPF में कर्मचारी की एक निश्चित सैलरी का हिस्सा जमा करना होता है जबकि NPS में कर्मचारी की सैलरी का 10% हिस्सा जमा करना पड़ता है.

# GPF का फायदा कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद मिलता है जबकि NPS का फायदा पेंशन के रूप में लिया जा सकता है.

# GPF में डिपाजिट राशि पर टैक्स लिया जाता है जबकि NPS में भी PPF की तरह टैक्स फ्री डिपाजिट किया जा सकता है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति एक बार ही पूरी निकासी करेगा तो उसपर एक आंशिक रूप से टैक्स लगाया जाएगा।

हमें आशा है कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे अगर आपको अन्य किसी प्रकार की जानकारी चाहिए तो, आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं | इन सब के अलावा अगर आलेख में कोई आप गलती पाते हैं तो वो भी कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ताकि हम आगे आने वाले आलेख में सुधार कर पाए और आपको एक बेहतर सूचना से अवगत करा सके| धन्यवाद!!

Ankita Shukla

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